नवाबों के शहर लखनऊ की ये जगहें, आपको दीवाना बना देंगी

लखनऊ अपनी तहज़ीब नवाब विरासत और हिस्टोरिकल बनावट के कारण दुनियाँ भर में मशहूर है, अगर देखा जाये तो लखनऊ में टूरिस्ट प्लेसों के अलावा यह शहर अगर फेमस है तो अपनी अवधी व्यंजनों के ज़ायकों के कारण क्योंकि यहाँ के हर खाने के साथ अपनी एक अलग टेस्ट और कहानी जोड़े हुए है।

नवाबों का शहर लखनऊ भारत के सबसे प्राचीन और एक बेहतरीन तहज़ीब वाले टूरिस्ट जगहों में से एक है, अगर बात की जाए तो मुख्य रूप से यह शहर 18 वीं और 19 वीं सदी के दौर में भारत के मनोरंजक, कलाकारी और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में खूब फला-फूला, जिस वक़्त अवध के नवाबों का शासनकाल था, यह शहर भारत के उत्तर का दूसरा सबसे बड़ा शहर भी है, और अगर देखा अगर देखा जाए तो यह भारत और देश का 11 वां सबसे बड़ा शहर, इस नगरी में तमाम तरह की वास्तुशिल्प शामिल हैं, यहां के ऐतिहासिक स्मारक, मनमोहक  व्यंजन और अपने आप में एक सांस्कृतिक केंद्र है, जोकि दुनिया भर में फेमस है, इसलिए आज हम आपके इस पोस्ट में 11 ऐसी बेहतरीन जगहों की लिस्ट लाए हुए हैं, जहाँ लखनऊ में आकर नहीं घूमा तो फिर क्या घूमा।

1. बड़ा इमामबाड़ा

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यह नाम 1784 में नवाब आसफ-उद-दौला द्वारा बनवाये गए एक इमामबाड़े का है, और यह अवध की शान में  एक में से एक है लखनऊ की इस सबसे बड़ी इमारत, 'बाड़ा इमामबाड़ा' नाम एक उर्दू अल्फ़ाज़ है, जिसमें द-शब्द 'बारा' का मतलब बड़ा और 'इमामबाड़ा' का अर्थ तीर्थ परिसर है, इसे बड़ा इमामबाड़ा, अस्फी मस्जिद या फिर भुलभुलैया भी कहते हैं, आसिफी मस्जिद में मकबरा है यह भारत में एकमात्र भूलभुलैया है और बड़े पैमाने पर लोग इस बात को मानते भी हैं, इसमें भूमिगत से लेकर पूरे परिसर की संरचना की गयी है।

2. छोटा इमामबाड़ा

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शिया मुस्लिम समुदाय का यह एक और परिसर है, इसे 1838 में नवाब मुहम्मद शाह अली द्वारा इसका निर्माण कराया गया, यह नवाब के मकबरे के रूप में भी जाना जाता है, जिनका अपनी माँ के साथ वहाँ क़ब्र बना हुआ है, परिसर के ठीक बाहर भी 4 मंजिला है, एक अधूरा गुम्मट होनी चाहिए थीं, इसे नवाब कुतुब मीनार की तरह  बनाना चाहते थे।

3. ब्रिटिश रेजीडेंसी

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ब्रिटिश रेजीडेंसी को राष्ट्रीय स्मारक माना जाता है, और यह लखनऊ के मुख्य जगहों में से एक है, 1857 का विद्रोह और हिस्टोरिकल लड़ाई जिसे लखनऊ के सीज के नाम से जानते हैं, यह साइट थी ब्रिटिश रेजिडेंट जनरल का निवास जो लड़ाई के दौरान भड़क उठा था, हालांकि इस खंडहर में लड़ाई के दौरान अभी भी बुलेट के निशान मौजूद हैं जिसे आज तक संरक्षित किया गया है, यह दीवारें और बाग़वानी से घिरा हुआ है जो टूरिस्टों  को अपनी ओर एक बड़ी संख्या में आकर्षित करता है।

4. लखनऊ चिड़ियाघर

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लखनऊ चिड़ियाघर को द प्रिंस ऑफ़ वेल्स जूलॉजिकल पार्क के रूप में भी जाना जाता है, और यह पार्क लख़नऊ के सिविल अस्पताल के बग़ल में है, जोकि काफी दूर तक में फैला हुआ है अगर बात करें इसके क्षेत्रफल की तो यह तक़रीबन 71.6 एकड़ की भूमि में फैला हुआ है, इस चिड़ियाघर को प्रिंस के आगमन के  समय उनके स्वागत के लिए 1921 में बनाया गया था, इसमें वेल्स, पक्षियों, जानवरों और रैप्टाइल की कई प्रजातियां शामिल हैं, इस चिड़ियाघर में प्रसिद्ध और लुप्तप्राय प्रजातियों जैसे व्हाइट टाइगर, इंडियन वुल्फ और हॉग डियर जैसे आदि जीव मौजूद हैं, यहाँ आप बच्चों और फ़ैमिली के साथ खूब आनंद ले सकते हैं।

5. हजरतगंज

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अगर आप खरीदारी की होड़ में जाना चाहते हैं.? हजरतगंज आपके लिए सही जगह है जनाब, कई पारंपरिक भारतीय दुकानें हजरतगंज के बाज़ारों हैं, जोकि ज़रूरत की हर प्रकार की चीज़े आपको यहाँ मिल जाएँगी, जिसमें, हस्तशिल्प, हथकरघा, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और विभिन्न शॉपिंग मॉल, रेस्टोरेंट, मूवी थियेटर और एक पुस्तकालय इत्यादि सब प्रकार की शॉपिंग कर सकते हैं।  

6. कॉन्स्टेंटिया हाउस

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पहले कॉन्स्टेंटिया हाउस के रूप में जाने वाली इस साइट, को अब ला मार्टिनीयर कॉलेज के रूप में जाना जाता है,यह भवन एक स्ट्रार स्थान पर स्थित है जो किसी समय एक झील थी, वास्तुकला की एक मिक्स शैली है जोकि  इतालवी वास्तुकला की विभिन्न तकनीकों को जोड़ती है, कॉलेज की अपनी भूमिका के कारण युद्ध में सम्मान प्राप्त करने वाले एकमात्र शैक्षणिक संस्थानों में से एक है जो लखनऊ के सीज के दौरान इसका भी अहम् रोल था।

7. डॉ भीम राव अम्बेडकर पार्क

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डॉ बी.आर. अम्बेडकर पार्क 107 एकड़ भूमि के क्षेत्र में फैला हुआ एक आधुनिक वास्तुशिल्प स्मारक है, जिसे  भला कौन नहीं जनता, यह पूरा स्मारक लाल बलुआ पत्थर से बनाया गया है जो राजस्थान के क्षेत्रों से लाया गया, यह पार्क गोमती नगर के पास स्थित है जो कि लखनऊ के अधिकांश पॉश इलाके इसके अगल-बगल बसे हुए हैं, विभिन्न नक्काशियों द्वारा निर्मित स्तंभ और बनावट आपका मन मोह लेंगी, घूमने के मामले में यह लखनऊ की ट्रेंडिंग जग़हों में से एक है।

8. लखनऊ संग्रहालय

लखनऊ संग्रहालय

लखनऊ शहर संग्रहालय में 100,000 से अधिक पुरावशेषों सबसे पुरानी जगह है, कहा जाए तो उत्तर प्रदेश राज्य का सबसे बड़ा संग्रहालय जिसमे प्राचीनतम गुप्त काल के मटेरियल कलाकृतियों, मिट्टी के बर्तनों, उपकरणों और हथियारों, पांडुलिपियों की एक बड़ी संख्या आदि चीज़ों को स्टोर किया गया है, यहां जाकर आप हिस्टोरिकल चीज़ों से वाकिफ़ हो सकते हैं।

9. रूमी दरवाजा

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तुर्की गेट के नाम से भी जाना जाने वाला रूमी दरवाज़े को नवाब साहब ने 1784 में बनवाया था आसफ-उद-दौला स्मारक, एक विशाल प्रवेश द्वार है जो सबसे अच्छे नज़ारों में से एक है, अवधी शैली की वास्तुकला इसकी तुलना में स्मारक की बनावट में भव्यता है जोकि रोम और ऑटोमन साम्राज्य और पुराने शहर लखनऊ के प्रवेश द्वार को चिह्नित करता है।

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10. छत्तर मंजिल

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छत्तर मंजिल नाम का शाब्दिक अर्थ है छाता महल और यह निवास स्थान था अवध के नवाब और उनके उत्तराधिकारी का  महल का निर्माण 1780 में किया गया था 1857 के विद्रोह के दौरान क्रांतिकारियों के प्रमुख गढ़ों में से एक बन गया, इस मूल इमारत की स्थापत्य शैली इंडो-यूरोपीय शैलियों और के बीच एक क्रॉस थी बाद में उनकी वरीयताओं के अनुसार अंग्रेजों द्वारा बहाल किया गया था।

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11. बेगम हजरत महल पार्क

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बेगम हजरत महल पार्क 1962 में अवध की बेगम हजरत की याद में बनाया गया था, 1857 के विद्रोह में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह करने वाले महल पार्क का नाम बदल दिया गया, बेगम हज़रत महल पार्क को संगमरमर  स्मारक के रूप में निर्माण किया गया था।