ये हैं भारत के बेस्ट डेस्टिनेशन्स, यहां आकर खो बैठेंग दिल

दोस्तों अगर आप घूमना-टहलना पसंद करते हैं, तो यह पोस्ट आपके ही लिए है, इस पोस्ट से आपको यह  बेनिफिट होगा कि आप स्पेशल टूरिस्ट जगहों के बारे मेें जान पाएंगे जोकि घुमक्कड़ी के मांमले में सबसे बेहतरीन आप्शन्स में से है, हांलाकि देशभर में तमाम सारी जगहें हैं लेक़िन आज हम आपको कुछ बेस्ट डेस्टिनेशन्स के बारे में बताने वाले हैं जहां आपका एक बार तो जाना बनता है, तो आइये जनाब जान लेते कहाँ पर !

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चादर ट्रेक, लद्दाख

ट्रेक का नाम चादर से है.. जी हाँ, चादर यानि सफ़ेद बर्फ की चादर, जोकि खूबसूरत पहाड़ों के बीच काफी दूर-दूर तक जहाँ भी नज़रें जाएँ "सिर्फ़ बर्फ़ ही बर्फ़" आपके पैरों को चादर से ढकती हुई मानों आपसे एक जगह थम जाने को कह रही हो, दरअसल ये चादर जांस्कर नदी के जम-जाने से बन जाति है, लेक़िन जनाब आपको यहां ठिठुरने भर की ठण्डक मिलेगी, और हो भी न क्यों, क्योकि यहां तो 0 से 20 डिग्री सेंटिग्रेड तक टेम्प्रेचर नीचे गिरा होता है।

यहां चिल्ड हवाओं के बाच जद्दोजेहद करते-करते आप ट्रेक तो कर सकते ही हैं, अगर बम में दम और  ट्रेक पूरा करने का जिगरा रखते हैं, वैसे "जनाब" आपको ज़्यादा नहीं, बस वहीँ तक यानि थोड़ी दूर मात्र 105 किलोमीटर का सफ़र तय करना होगा है, ख़ैर अब एक इम्पोर्टेन्ट वाली इनफार्मेशन बता दें, यहां दिन छोटे और रातें काफी लंबी होती हैं, और बर्फ तो इस कदर जमी होती है कि फ्रिज़ ढूंढने की ज़रूरत ही नहीं, बस आप कोई महफूज़ सी जगह चुनकर वहीं बर्फ के ऊपर ही अपने तंबू में बम्बू लगा सकते हैं।

कैसे पहुंचे :

ख़ैर "जनाब" ये तो जोखिम वाला ट्रेक है ही साथ ही इसके लिए तमाम सारी ज़रूरी फॉरमेलिटीज पूरी करनी होती हैं, बाकायदा रजिस्ट्रेशन से लेकर मेडिकल जांच वगैरह सब होता है इसीलिए लाइसेंसी अडवेंचर स्पोर्ट्स कंपनियां ही इसकी ज़िम्मेदारी संभालती हैं और ये आपको दिल्ली टू लेह सीधे उस स्पॉट पर ले जाएंगी, जहां से ट्रेकिंग शुरू किया जाता है, चादर ट्रेक भारत के सबसे रोमांचक ट्रेकिंग रूट में से एक है जो सिर्फ सर्दियों में ही किया जाता है।

पालोलेम, गोवा

गोवा का नाम सुनते ही समंदर, लहरेँ, बीच, और फिर मस्ती जैसा ख़्याल ज़हन में आने लगता है, और आए भी ना क्यों क्योंकि गोवा के साउथ में है "पालोलेम बीच" यहाँ तो 'जनाब' बेपनाह खूबसूरती के साथ-साथ करने को भी  काफी कुछ है, ये जो पालोलेम बीच है, वो अपनी बेहतरीन खूबसूरती और अलग-अलग तरह की ऐक्टिविटीज़ की वजह से फ़ेमस है और इसे काफी पसंद किया भी जाता है, बस यूँ समझिए कि ये गोवा का सबसे दिलक़श बीच  है। 

सफ़ेद बिखरी हुई रेत, झूमते-झामते हुए ताड़ के पेड़, सीज़न टाइम में तो ये और लाजवाब और खुशगवार हो जाता है, बांस से बनी झोपड़ियां, जिसमें आपको वहाँ के लोकल खाने-पीने की चीजें मिलेंगी, हालांकि सिर्फ़ खाना ही नहीं बल्कि और भी काफी कुछ ख़रीदने को मिलेगा, और चाहेँ तो योग और आध्यात्म से भी जुड़ने का मौका मिलेंगा, ये जगह "सिंगल्स और कपल्स" दोनों के लिए मस्त है।

कैसे पहुंचे :

पालोलेम के नज़दीक दो रेलवे स्टेशन हैं, जहां से 40 मिनट की दुरी पर मड़गांव स्टेशन, और 10 मिनट की दूरी पर कानाकोना स्टेशन है, लेक़िन ज्यादातर लोग तो हवाई सफ़र करके यहां तशरीफ़ ले जाते हैं, क्योँकि सबसे नज़दीक डाबोलिम एअरपोर्ट पड़ता है जहां डायरेक्ट लैंड कर जाते हैं बिना किसी ब्रेकर पे हचकोले खाये, जो कि डेढ़ घंटे की दूरी पर है, जनाब इधर ओला ना ऊबर ना चलती, तो जाओगे कइसे इधर.? कुछ ना बस लोकल टैक्सी ही लेनी पड़ेगी दूसरा नो ऑप्शन मगर "जनाब" सस्ती नहीं होती ये, अच्छी-खासी महंगी पड़ जाती है कोई ना शेयरिंग कर लेना, मगर एक बात तो है कि साउथ गोवा में होने की वजह से पालोलेम इंडिया की सबसे साफ -सफ़ाई वाले बीच में से एक है।