टूटे हुए तारे से बनी ये खूबसूरत झील, जानिए टूरिस्ट क्यों जाते हैं देखने

दोस्तों, आपने टूटते हुए तारे को तो कई बार देखा होगा, और फिर कोई विश भी मांगी होगी, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर वही टूटा हुआ तारा कहीं ज़मीन पर आके धड़ाम में गिर जाए तो क्या होगा, मेरे हिसाब से आप यही सोच रहे होंगे कि, अगर कहीं ऐसा हुआ तब तो तबाही मच जाएगी, जी हाँ, आज ऐसी ही एक घटना के बारे में बताने वाले हैं, जब एक टूटा हुआ तारा धरती पर गिरा और वो जगह खूबसूरत झील के रूप में बन गई , ये कोई काल्पनिक बात नहीं बल्कि सच है, तो आइये डिटेल में इसके बारे में जानते हैं।

Aurangabad | Maharashtra | Lonar lake | Travelling Life | Tourist places in India

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वैसे तो भारत की सुंदरता लफ़्ज़ों में नहीं बयाँ किया जा सकता, क्योंकि ये अतुलनीय है इसका कोई मूल्यांकन नहीं कर सकता, तभी तो इसे 'इन्क्रेडिबल इंडिया' कहते हैं, सभी मज़हब के मानने वाले इस सेकुलर देश की जहाँ आपको काफी सारी बातें पता होंगी, तो वहीँ कुछ चीजों से आज भी आप बेख़बर होंगे, इनमे से एक है भारत की नमक वाली झील, भारत में कुल मिलाकर छह झीलें हैं जोकि नमक की हैं।

जिसमें से लद्दाख की पैंगोंग झील राजस्थान की सांभर और पचपदरा झील, पुलीकट झील तमिलनाडु, लोनार झील महाराष्ट्र, चिल्का झील ओडिशा, तक़रीबन इन सभी झीलों में नमक काफी मात्रा में पाया जाता है, यही वजह है की यह टूरिस्टों को अपनी तरफ अट्रैक्ट करती है।

लोनार झील :

इस झील को लोनार क्रेटर भी कहा जाता हैं, इसका मलतब गड्ढा होता है, लेकिन आपके मन एक अब ख्याल आ रहा होगा कि गड्ढे का झील से क्या ताल्लुक़ है और एक झील गड्ढा कैसे हो सकती है, हम आपको बता दें कि ऐसा इस वजह से कहा जाता है क्योंकि ऐसा बताया जाता है कि यह झील क़ुदरति ढंग ने नहीं बल्कि इस जगह पे बीते कई सदियों पहले उल्का पिंड "टूटता हुआ तारा" गिरने के कारण इस झील निर्माण हुआ था, यह झील महाराष्ट्र प्रदेश के लोनार नाम के शहर में स्थित है।

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इस झील समुद्र तल से क़रीब 1,200 मीटर ऊंचाई वाली धरातल पर अनुमानित सौ मीटर वाले घेरे में इसका फैलाव है, और इस झील में खारा पानी पांच से आठ मीटर के दायरे में भरा हुआ है, वर्ष 2006 में जब लोनार झील में आश्चर्य चकित घटना हुई तो एक अजीब-वो-गरीब चौंका देने वाला मामला सामने आया,

दरअसल एक जानकारी के मुताबिक झील में से सारा पानी "वाष्प" भाप बनकर न जाने कहाँ उड़ गया था, और यह क्या वाकया हुआ कोई समझ ही नहीं पाया, हालाँकि बात यही नहीं ख़त्म हो जाती, क्योंकि वहाँ के ग्रामीणों का दावा ये था कि उन्हें झील में पानी नहीं बल्कि नमक और कई प्रकार के खनिज को चमकते देखा था।

पुराणों में उल्लेख :

यह झील कितने साल पुराना है इस बात का आईडिया इसी से लगा सकते है कि इसका विवरण, पद्म व स्कंद पुराण और ऐन-ई-अकबरी में भी किया गया है, परन्तु इसे तब पहचना गया जब 1823 में ब्रिटिश शासन के एक अफसर जे. ई अलेक्सएंडर यहां आए थे, इस लेक के नज़दीक तमाम मंदिरों के भी निशानी मौजूद मिले हैं।

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यहाँ तक कैसे पहुंचे .?

फ्लाइट द्वारा : लोनार पहुँचने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट औरंगाबाद महाराष्ट्र है, इस जगह से इसकी दूरी 157 किलोमीटर है, आप एयरपोर्ट से लोनार के लिए कैब द्वारा पहुंच सकते हैं।

ट्रेन द्वारा : लोनार का सबसे क़रीबी रेलवे स्टेशन जालना पड़ता है, जोकि 90 किलोमीटर की दूरी पर है, आप  यहाँ से भी लेक पहुंचने के लिए बस या कैब की सवारी करके जा सकते हैं।

बस द्वारा : औरंगाबाद और बुलढ़ाणा शहर से आप लोनार लेक जाने के लिए आपको बड़े आराम से सरकारी और प्राइवेट बसें मिल जाएंगी इसके अलावा आप चाहें तो कैब की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

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घूमने के लिए ज़रूरी चीज़ें :

1. एक्स्ट्रा जोड़ी कपडे
2. रात के समय में टॉर्च और एक्स्ट्रा सेल (ऑप्शनल)
3. स्टेशनरी किट एनर्जी ड्रिंक 
4. परसनल मेडिसिन या फस्ट ऐड किट 
5. ड्राई स्नैक्स और पानी का बॉटल 
6. स्पोर्ट सूज़ अच्छे क्वालिटी का 
7. सेल्फ़ी, फोटो अपने अनुसार (ऑप्शनल)

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